यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज, 2027 चुनाव से पहले सपा-भाजपा में तीखी जुबानी जंग
Rhetoric intensifies in UP politics, with SP and BJP locked
लखनऊ। वर्ष 2027 के विधानसभा ज्यों-ज्यों नजदीक आ रहे हैं, नेताओं में जुबानी जंग तेज हो रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के वीडियो पर तंज करते हुए एक्स पर लिखा था,‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।’ एक अन्य पोस्ट में दोनों के दिखाने के लिए साथ होने की बात कही थी।
शनिवार को इसके उत्तर में केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा,‘एक फिट और हिट जोड़ी से आपका घबराना निहायत ही जायज है। आपकी जानकारी के लिए यह अच्छा भी है, क्योंकि केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की जोड़ी आज जनता के भरोसे की पहचान बन चुकी है।
उपमुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि मैं महान चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के वंश का प्रतिनिधि हूं। उनके आदर्शों से प्रेरित होकर अखंड भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हूं। भगवान गौतम बुद्ध की विरासत से भी जुड़ा हूं, जिन्होंने संसार को शांति, समता और न्याय का मार्ग दिखाया। लेकिन योजनाबद्ध तरीके से आपके संरक्षण में शाक्य समाज सहित कुशवाहा, मौर्य, सैनी और अन्य वंचित व कमजोर वर्गों पर किए गए अत्याचारों को देश-प्रदेश न भूला है और न ही भूलेगा।
इन अन्यायों का जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से कमल खिलाकर दिया जाएगा। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा,लाल टोपी, साइकिल निशान, ‘धक्का-मुक्की’ जिनकी पहचान। नहीं मिलेगा उनको कोई स्थान, 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान।’
'भाजपा में ये चल क्या रहा है?'
उनके पोस्ट के बाद सपा प्रमुख ने भी एक्स पर ही उत्तर दिया। लिखा,‘यहा भी राजनीति, पहले अपना नाम लिखा फिर उनका। भाजपा में ये चल क्या रहा है? एक-दूसरे को पीछे धकेलने की साजिश ही भाजपा की असली सच्चाई है, वैसे दिखावे के लिए साथ चलते हैं।
कृपापात्र पोस्टिंग पर बैठे लोगों को किसी अन्य ‘जीते हुए’ के साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार नहीं करना चाहिए। ये जो दिखाने को चलते हमकदम हैं, दरअसल यही एक-दूसरे का गम हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, अब हमें दूसरे ‘उप मुख्यमंत्री’ (डीसीएम) या कहें ‘प्रतीक्षारत मुख्यमंत्री’ (डब्ल्यूसीएम) की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।